Historical Facts About Ayodhya : अयोध्या नगरी – 10 रोचक तथ्य जो आपको हैरान कर देंगे

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के महान जीवन और ऊंचे कर्मों की वजह से हम सभी के दिलों में विशेष स्थान रखते हैं। हालांकि क्या वे एक ऐतिहासिक पुरुष हैं या नहीं इस बात को लेकर बहुत से लोगों के अलग अलग मत हैं, कुछ लोग कहते हैं की हमें प्रभु राम के जीवन से हमें सीखना चाहिए वहीं अधिकतर लोग ये कहते हैं की कोई चाहे माने या फिर ना माने, हम तो उन्हें ऐतिहासिक पुरुष मानेंगे और इस बात के पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं। लोगों की मानें तो आज से तकरीबन 7128 साल पहले अर्थात 5114 ईसवी पूर्व को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्री राम जी का जन्म दशरथ जी के परिवार में हुआ था। चलिए आर्टिकल में अयोध्या और राम मंदिर के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।

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1: जिस प्रकार से देश में सबसे पवित्र शहरों में या फिर स्थान में उज्जैन बनारस प्रयागराज की गिनती होती है, उसी प्रकार से पवित्र से पवित्र शहरों में अयोध्या की गिनती होती है। इसके अलावा अयोध्या देश का सबसे प्राचीन शहर भी माना जाता है। इसे सप्त पुरी में पहला माना जाता है। सप्त पुरी में अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, उज्जैन और द्वारका को शामिल करते हैं।

2: स्वायंभुव मनु के द्वारा इस पावन नगरी की बसावट की गई थी। हालांकि रामायण के नजरिए से देखा जाए तो सूर्य के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज के द्वारा अयोध्या की स्थापना की गई थी। यह 6673 ईसा पूर्व हुए थे।

3: भगवान श्री हरि नारायण के चक्र पर अयोध्या जैसी नगरी स्थित है। यह बात हम नहीं बल्कि स्कंद पुराण के अनुसार हम आपको बता रहे हैं।

4: हिंदुओं के चार वेद में महत्वपूर्ण वेद अथर्ववेद में सर्वप्रथम अयोध्या का वर्णन किया गया था ऐसा जिक्र किया जाता है। अथर्ववेद के अनुसार अयोध्या को देवताओं की भूमि बताया गया है।

5:  सुरीरत्ना नी हु ह्वांग ओक अयुता नाम की एक महिला आज से तकरीबन 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी बनी थी।

6: अयोध्या में सिर्फ भगवान श्री राम का ही जन्म नहीं हुआ था बल्कि उनके तीनों भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का भी जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इसके अलावा यह भूमि जैन धर्म के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर ही उनके प्रथम तीर्थंकर ऋषभ नाथ का भी जन्म हुआ था। ऋषभनथा भी भगवान श्री राम जी के ही खानदान के थे। इसके अलावा अभिनंदन नाथ, सुमति नाथ, अजीत नाथ और अनंतनाथ का जन्म भी इसी पावन भूमि पर हुआ था। इसलिए जैन धर्म के लोगों के लिए भी अयोध्या काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि जब भगवान श्री राम जी के मंदिर के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करना शुरू किया गया, तो जैन धर्म के लोगों के लिए भी दिल खोलकर दान दिया गया।

7: तकरीबन 20 के आसपास में बौद्ध विहार होने का उल्लेख अयोध्या के आसपास में मिलता है। विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भगवान बुद्ध की मुख्य उपाशिका विशाखा के द्वारा बुद्ध के सानिध्य में अयोध्या में ही धम्म की दीक्षा ली गई थी। इसी की याद में विशाखा के द्वारा अयोध्या में मणि पर्वत के पास में बौद्ध विहार को स्थापित किया गया था, जो कि वर्तमान में भी मौजूद है और ऐसा भी कहा जाता है कि बुद्ध के महापरिनिर्वाण होने के पश्चात इसी बौद्ध विहार में उनके दांतों को रखा गया था।

8: हिंदू धर्म और जैन धर्म के अलावा सिख समुदाय के लिए भी अयोध्या काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह स्थल उनके लिए भी एक पवित्र स्थल माना जाता है, क्योंकि यहां पर ब्रह्म कुंड नाम का जो स्थान है, वहीं पर सिख धर्म के गुरु गुरु नानक देव जी के द्वारा तप किया गया था।

9: जब भगवान श्री राम जी का राज अयोध्या में चलता था, तब इसकी गिनती दुनिया के प्रमुख बिजनेस सेंटर में होती थी। जानकारी के अनुसार यहां पर बाहर के भी कई बड़े-बड़े व्यापारी आते थे और अयोध्या में व्यापार करते थे। इसके अलावा यहां पर शिल्प का भी निर्माण होता था और विभिन्न प्रकार के अस्त्र और शस्त्र का भी निर्माण अयोध्या में किया जाता था। इसके अलावा घोड़े के कारोबार के लिए भी यह एक प्रमुख केंद्र था। इसके अलावा विंध्याचल और हिमाचल के गजराज भी यहां पर मौजूद होते थे। ऐसा भी कहा जाता है कि, यहां पर तब के समय में हाथियों की हाइब्रिड नस्ल का भी कारोबार बड़े पैमाने पर व्यापारीयों के द्वारा किया जाता था।

10: बाल्मीकि रामायण में इस बात की जानकारी मिलती है कि, प्राचीन काल में अयोध्या में काफी ज्यादा बड़ी-बड़ी सड़क होती थी और रोजाना सड़कों पर ताजा पानी का छिड़काव किया जाता था और फूल भी सड़कों पर बिछाए जाते थे। दशरथ जी के द्वारा अयोध्या वासियों की खुशी का खास ख्याल रखा जाता था। यहां पर बड़े-बड़े तोरण द्वार होते थे। इसके अलावा बाजार काफी ज्यादा आकर्षक होते थे, साथ ही नगर की रक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के शस्त्र और यंत्र भी यहां पर रखे गए थे। अयोध्या के निवासी भी काफी ज्यादा सुखी संपन्न थे। इनके पास बड़े-बड़े मकान थे। काफी ज्यादा हरियाली भी अयोध्या में थी। जगह-जगह पर अयोध्या में सफेद फूलों के पेड़ के साथ ही साथ अशोक के पेड़ दिखाई पड़ते थे।

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